क्या ‘ब्रह्म’ हमारे मन की दशा है? || आचार्य प्रशांत, वेदांत महोत्सव (2022)

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  • Опубликовано: 12 сен 2024

Комментарии • 70

  • @Shakti_Hindi_AP
    @Shakti_Hindi_AP  2 года назад +6

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  • @kingsrj14
    @kingsrj14 2 года назад +25

    जहां तक की मुझे याद है में हमेशा पता नहीं कहां खोया रहता था जैसे कुछ खो गया है मेरा आपको सुनने के बाद जो आनंद मिला उसे कैसे बयान करूं समझ नहीं पा रहा हूं। बस ये मान लीजिए की यदि आप और आपका ऐप नहीं होते तो मेरा फोन महत्वहीन था। धन्यवाद आचार्य जी☺️🙏

  • @apaths
    @apaths 2 года назад +14

    आचार्य जी की सीख :
    • अहंकार विस्तार है
    • आत्मा गहराई है

  • @Dharmadhyaksh
    @Dharmadhyaksh 3 месяца назад +2

    मन की दशा नहीं केंद्र का बदलना ब्रह्म है।
    मन की अंतिम अवस्था सच्चिदानंद हैं।
    अहंकार को विस्तार चाहिए और आत्म गहराई का नाम है।

  • @riteshdubey1786
    @riteshdubey1786 2 года назад +9

    मेरा दावा है आचार्यजी ,, कि आप आज हमारे लिए बुद्ध हैं...
    बस
    मुझे और कुछ नहीं पता 🙏

  • @vaibhavsinha11
    @vaibhavsinha11 2 года назад +5

    धर्म में व्याप्त शब्दों के सही अर्थ जानने के लिए सबसे अच्छी वीडियो। पता नहीं सच्चिदानंद और ब्रम्ह को लेकर क्या क्या फैल रखा है धार्मिक लोगों के बीच मे कि हसते रहना सच्चिदानंद है वगैरह। आचार्य जी अपना पूरा जोर लगा देते है कठिन से कठिन सवाल का तर्कसंगत उत्तर देने के लिए। हर वीडियो जैसे कहता है की जिंदगी से भीड़ जाओ और अपने बंधनों को काटो।

  • @ushaphatak6539
    @ushaphatak6539 2 года назад +2

    अहंकार ... Quantity . आत्मा ... Quality , गहराई ... गहरी पैठ ... धन्यवाद ... 🙏 🙏 ... !

  • @umavatichauhan9670
    @umavatichauhan9670 2 года назад +1

    जय श्री कृष्ग शत् शत् नमन गुरूदेव

  • @praveengautam4567
    @praveengautam4567 2 года назад +3

    सद्चित ही आपका ब्रह्म से एकाकार कराती है
    आनंद उसके बाद की अवस्था है जो कि शांति और सुख से अलग है।

    • @rajutriveditrivedi1269
      @rajutriveditrivedi1269 2 года назад +1

      सच्चिदानंद जिसके अनुभव में है वह तो इसकी चर्चा करते हैं नहीं और लोग अनुमान ज्ञान का सहारा लेकर पता नहीं इसकी क्या क्या व्याख्या करते रहते हैं,
      यह एक समयअतीत शब्दातीत चेतन की सिर्फ होने मात्र की आनंद स्वरूप स्थिति है, वहां किसी भी स्वरूप में "मैं" उपस्थित नहीं है क्योंकि वहां पर किसी भी प्रकार के "मैं" "तू" और "वह" का अस्तित्व नहीं है, और वह आनंद ऐसा है जो इस जगत के व्यवहार की घटने वाली सुख पूर्ण घटनाओं मे अनुभव नहीं होता... इसलिए लोगों के मुंह पर हास्य आने की जो घटनाएं है उस हास्य के साथ आनंद की तुलना नहीं हो सकती... क्योंकि वह एक ऐसा आनंद पूर्ण हास्य है जिसको हंसने वाला कोई नहीं है कोई मुंह नहीं है वहां ,
      आचार्य जी को अपने वास्तविक स्वरूप में होने का अनुभव नहीं है इसीलिए वह ऐसी व्याख्या कर रहे हैं...🙏🌹🙏

  • @pramodnaik5717
    @pramodnaik5717 2 года назад +2

    The questioner is truly seeker

  • @ashishchoudhary9502
    @ashishchoudhary9502 2 года назад +2

    " Jeevan me joojhogey nahi, Khali Kitab padhogey to aise hi baudhik Sawal pareshan Kartey rahengey ! " - AP ji

  • @blossom_4849
    @blossom_4849 2 года назад +1

    Pranam Acharyaji apko sunana mera param bhagya hai atmashanti milati hai koti koti naman

  • @RanjeetKumar-os4yl
    @RanjeetKumar-os4yl 2 года назад +4

    आचार्य जी के चरणों में कोटि कोटि प्रणाम है मेरा 🙏🙏🙏🙏🙏

  • @nishamishra7007
    @nishamishra7007 2 года назад +1

    Sahi baat hai sab log Pooja path kerky pareshan ho rahy per man ki saanti ni milti sangharsh he jeevan hai isasay koi Bach ni saka sabko face kerna hai

  • @shabijotzrbdhdh6768
    @shabijotzrbdhdh6768 2 года назад +1

    Sachi khushi andar se aati hai dill se aur muskurahat mai chalaki ho skti ho skti hai pr khush rehne se chehra btta deta hai

  • @dr.susheelkhemariya8966
    @dr.susheelkhemariya8966 2 года назад +2

    Wahwah AhaAha wonderful Chamatkaric VISHMAYPURNA wonderful UNDERSTANDING ACHARAJI thanksgretitude dhanyabad dhanyabadDhanyabadDhanyabad

    • @rajutriveditrivedi1269
      @rajutriveditrivedi1269 2 года назад

      सच्चिदानंद जिसके अनुभव में है वह तो इसकी चर्चा करते हैं नहीं और लोग अनुमान ज्ञान का सहारा लेकर पता नहीं इसकी क्या क्या व्याख्या करते रहते हैं,
      यह एक समयअतीत शब्दातीत चेतन की सिर्फ होने मात्र की आनंद स्वरूप स्थिति है, वहां किसी भी स्वरूप में "मैं" उपस्थित नहीं है क्योंकि वहां पर किसी भी प्रकार के "मैं" "तू" और "वह" का अस्तित्व नहीं है, और वह आनंद ऐसा है जो इस जगत के व्यवहार की घटने वाली सुख पूर्ण घटनाओं मे अनुभव नहीं होता... इसलिए लोगों के मुंह पर जो हास्य दिखता है उस हास्य के साथ इस आनंद की तुलना नहीं हो सकती, क्योंकि वह एक ऐसा आनंद पूर्ण हास्य है जिसको हंसने वाला कोई नहीं है, कोई मुंह नहीं है वहां ,
      आचार्य जी को अपने वास्तविक स्वरूप में होने का अनुभव नहीं है इसीलिए वह ऐसी व्याख्या कर रहे हैं...🙏🌹🙏

  • @arunkulkarni8238
    @arunkulkarni8238 Год назад +1

    प्रणाम आचार्य।

  • @divyaalok5538
    @divyaalok5538 Год назад +1

    Awesome

  • @rakhikundjwar624
    @rakhikundjwar624 2 года назад +1

    Naman Acharya ji koti koti pranam 🙏♥️

  • @babitachaube1327
    @babitachaube1327 2 года назад +2

    बहुत उचित व्याख्यान । सच्चिदानंद का ये व्याख्यान पहले पता नहीं था । 🙏👍

  • @g.apparao4322
    @g.apparao4322 2 года назад +1

    Lord Krishna said in bhagvat geeta iam a mind as in every one every living thing

  • @berational9829
    @berational9829 2 года назад +1

    This valuable knowledge discussion about bramha is Not able to cure my hunger .

    • @rajutriveditrivedi1269
      @rajutriveditrivedi1269 2 года назад

      सच्चिदानंद जिसके अनुभव में है वह तो इसकी चर्चा करते हैं नहीं और लोग अनुमान ज्ञान का सहारा लेकर पता नहीं इसकी क्या क्या व्याख्या करते रहते हैं,
      यह एक समयअतीत शब्दातीत चेतन की सिर्फ होने मात्र की आनंद स्वरूप स्थिति है, वहां किसी भी स्वरूप में "मैं" उपस्थित नहीं है क्योंकि वहां पर किसी भी प्रकार के "मैं" "तू" और "वह" का अस्तित्व नहीं है, और वह आनंद ऐसा है जो इस जगत के व्यवहार की घटने वाली सुख पूर्ण घटनाओं मे अनुभव नहीं होता... इसलिए लोगों के मुंह पर जो हास्य दिखता है उस हास्य के साथ इस आनंद की तुलना नहीं हो सकती, क्योंकि वह एक ऐसा आनंद पूर्ण हास्य है जिसको हंसने वाला कोई नहीं है, कोई मुंह नहीं है वहां ,
      आचार्य जी को अपने वास्तविक स्वरूप में होने का अनुभव नहीं है इसीलिए वह ऐसी व्याख्या कर रहे हैं...🙏🌹🙏

    • @rajutriveditrivedi1269
      @rajutriveditrivedi1269 2 года назад

      सिर्फ आपका खुद का अनुभव आपकी भूख को शांत कर सकता है

  • @shrisameer
    @shrisameer Год назад +1

    🙏

  • @deepikasharma7845
    @deepikasharma7845 2 года назад +2

    Radhey radhey

  • @-KundanYadav
    @-KundanYadav Год назад +1

    सादर प्रणाम आचार्य जी 🙏

  • @g.apparao4322
    @g.apparao4322 2 года назад +1

    Happiness is original quality of soul but mind maan covered with maya. Like sun surya covered with badal

  • @bbmishra9126
    @bbmishra9126 2 года назад +1

    Dhanyawad acharya ji

  • @napindersidhu1019
    @napindersidhu1019 2 года назад +1

    ਵਾਹਿਗੁਰੂ ਜੀ। 🙏

  • @RaushanKumar-lm7rf
    @RaushanKumar-lm7rf 2 года назад +1

    Yes bhi

  • @shashankkumar3977
    @shashankkumar3977 2 года назад +1

    Waah dhanyawad acharya ji

    • @rajutriveditrivedi1269
      @rajutriveditrivedi1269 2 года назад

      सच्चिदानंद जिसके अनुभव में है वह तो इसकी चर्चा करते हैं नहीं और लोग अनुमान ज्ञान का सहारा लेकर पता नहीं इसकी क्या क्या व्याख्या करते रहते हैं,
      यह एक समयअतीत शब्दातीत चेतन की सिर्फ होने मात्र की आनंद स्वरूप स्थिति है, वहां किसी भी स्वरूप में "मैं" उपस्थित नहीं है क्योंकि वहां पर किसी भी प्रकार के "मैं" "तू" और "वह" का अस्तित्व नहीं है, और वह आनंद ऐसा है जो इस जगत के व्यवहार की घटने वाली सुख पूर्ण घटनाओं मे अनुभव नहीं होता... इसलिए लोगों के मुंह पर जो हास्य दिखता है उस हास्य के साथ इस आनंद की तुलना नहीं हो सकती, क्योंकि वह एक ऐसा आनंद पूर्ण हास्य है जिसको हंसने वाला कोई नहीं है, कोई मुंह नहीं है वहां ,
      आचार्य जी को अपने वास्तविक स्वरूप में होने का अनुभव नहीं है इसीलिए वह ऐसी व्याख्या कर रहे हैं...🙏🌹🙏

  • @apaths
    @apaths 2 года назад +1

    धन्यवाद आचार्य जी

  • @user-tr2uq6ec1g
    @user-tr2uq6ec1g 2 года назад +1

    🌄🙏

  • @khushbootiwari5748
    @khushbootiwari5748 2 года назад +2

    Pranam Guruvar!

  • @sudhirgangrade4357
    @sudhirgangrade4357 2 года назад +1

    Naman

  • @maheshmallik2097
    @maheshmallik2097 2 года назад +1

    Pranam Acharya jii

  • @apurvasoni4065
    @apurvasoni4065 Месяц назад

    🕉️🙏

  • @subhadrasimkhada6760
    @subhadrasimkhada6760 2 года назад +1

    हम् कैसे परम् अान्नदको प्राप्त करे

  • @user-rg9mf1ms9k
    @user-rg9mf1ms9k 2 года назад +1

    True 🙏

  • @krishenchand3707
    @krishenchand3707 2 года назад +1

    Jay guru dev 🙏🙏🙏🙏🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌹🌷🌹🌹🌹🌹🌹❤❤❤❤❤

  • @class6084
    @class6084 2 года назад +1

    💜

  • @PushpaDevi-oy2hv
    @PushpaDevi-oy2hv 2 года назад

    कोटि कोटि प्रणाम आचार्य जी।

  • @dipaliadhikary4128
    @dipaliadhikary4128 2 года назад +1

    ❤️❤️❤️

  • @rajendraprasadrastogi7091
    @rajendraprasadrastogi7091 2 года назад

    Pranam आचार्य जी 🌹❤️

  • @sumitradevi2471
    @sumitradevi2471 2 года назад +1

    Sachi bat ka ahsas aj hua
    Kya iske bad bhi puja path ki jrurat hoti hai yadi nehin to age badne ke liye kiska Sahara lain

    • @rajutriveditrivedi1269
      @rajutriveditrivedi1269 2 года назад

      सच्चिदानंद जिसके अनुभव में है वह तो इसकी चर्चा करते हैं नहीं और लोग अनुमान ज्ञान का सहारा लेकर पता नहीं इसकी क्या क्या व्याख्या करते रहते हैं,
      यह एक समयअतीत शब्दातीत चेतन की सिर्फ होने मात्र की आनंद स्वरूप स्थिति है, वहां किसी भी स्वरूप में "मैं" उपस्थित नहीं है क्योंकि वहां पर किसी भी प्रकार के "मैं" "तू" और "वह" का अस्तित्व नहीं है, और वह आनंद ऐसा है जो इस जगत के व्यवहार की घटने वाली सुख पूर्ण घटनाओं मे अनुभव नहीं होता... इसलिए लोगों के मुंह पर जो हास्य दिखता है उस हास्य के साथ इस आनंद की तुलना नहीं हो सकती, क्योंकि वह एक ऐसा आनंद पूर्ण हास्य है जिसको हंसने वाला कोई नहीं है, कोई मुंह नहीं है वहां ,
      आचार्य जी को अपने वास्तविक स्वरूप में होने का अनुभव नहीं है इसीलिए वह ऐसी व्याख्या कर रहे हैं...🙏🌹🙏

  • @anu9360
    @anu9360 2 года назад

    🙏🏿🙏🏿🙏🏿pranaam acharyji

  • @apaths
    @apaths 2 года назад

    🙇💓

  • @neelamrana6999
    @neelamrana6999 2 года назад

    🙏💓☀️🌍💐💐💐

  • @kishan2k21
    @kishan2k21 2 года назад +1

    Ye video main channel pe kyu uploaded nahi hai?

    • @pankajjaiswal9501
      @pankajjaiswal9501 2 года назад

      मेरा भी यही सवाल है ..

  • @PushpaDevi-oy2hv
    @PushpaDevi-oy2hv 2 года назад +2

    हिंदी बोलो भाई।

  • @luckyday0392
    @luckyday0392 2 года назад +1

    😂

  • @Amarjeetsingh-hb6dx
    @Amarjeetsingh-hb6dx Месяц назад

    Ye question puchhne wale achanak angrej kyon ban jate hai.
    😂😂😂😂😂😂😂

  • @ashishchoudhary9502
    @ashishchoudhary9502 2 года назад +1

    Pranam !

  • @mukeshjaat5441
    @mukeshjaat5441 2 года назад +1

    🙏

  • @anuasija7121
    @anuasija7121 2 года назад +1

    🙏🌹🙏

  • @umeshkumartripathi7094
    @umeshkumartripathi7094 2 года назад

    प्रणाम आचार्य जी 💐💐💐

  • @gambhirsahu105
    @gambhirsahu105 2 года назад

    प्रणाम आचार्य जी🙏🙏💐💐❤❤

  • @vaishanavi9110
    @vaishanavi9110 3 месяца назад

    ❤❤❤

  • @vaishanavi9110
    @vaishanavi9110 Год назад

    🌹🙏

  • @premsinghsisodiya5325
    @premsinghsisodiya5325 2 года назад +1

    🙏🙏🙏

  • @narenderartist1611
    @narenderartist1611 2 года назад

    🙏🌷

  • @anitakanojia8346
    @anitakanojia8346 2 года назад

    आचार्य जी प्रणाम 🙏🙏🙏🌹🌹