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सत्यः सुखदा Satyaḥ Sukhdā
США
Добавлен 26 мар 2017
रास पंचाध्यायी परिचय | Introduction to Raas Panchadhyayi
रास पंचाध्यायी भागवत पुराण के दसवें स्कंध का भाग है, जिसमें भगवान कृष्ण और व्रज की गोपिकाओं के बीच दिव्य प्रेम के नृत्य का वर्णन किया गया है। इस वीडियो में हम रास पंचाध्यायी का परिचय देते हैं।
Raas Panchadhyayi is the part of 10th canto of bhagwat purana, which describes the dance of divine love between lord Krishna and the gopikas of vraja. In this video we provide an introduction to Rass Panchadhyayi.
Raas Panchadhyayi is the part of 10th canto of bhagwat purana, which describes the dance of divine love between lord Krishna and the gopikas of vraja. In this video we provide an introduction to Rass Panchadhyayi.
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अष्टावक्र गीता 17.19 अनुवाद एवं व्याख्या | Ashtavakra Gita 17.19 Translation and Commentary
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अष्टावक्र गीता ऋषि अष्टावक्र और मिथिला नरेश जनक के बीच एक संवाद है। यह बाहरी संसार की पूर्ण असत्यता और अस्तित्व की पूर्ण एकता पर बल देने वाला ग्रन्थ है जो अद्वैतवादी दर्शन का प्रचार करता है। इस वीडियो में हम अष्टावक्र गीता के अध्याय 17 के श्लोक 19 का अध्ययन करेंगे। The Ashtavakra Gita is a dialogue between the sage Ashtavakra and the Mithila king Janaka. It is a text emphasizing the absolute un...
बृहदारण्यकोपनिषद् 1.4.15 भाग 2: मन्त्र अनुवाद एवं व्याख्या | Brihadaranyaka Upanishad 1.4.15 Part 2
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बृहदारण्यकोपनिषद् प्रमु उपनिषदों में से एक है। यह उपनिषद् कृष्ण यजुर्वेद में शतपथ ब्राह्मण का अंतिम भाग है और इसके आदि उपदेष्टा महर्षि याज्ञवल्क्य हैं। इस वीडियो में हमने बृहदारण्यकोपनिषद् के अध्याय 1 के ब्राह्मण 4 के मन्त्र 15 का अध्ययन किया है। Brihadaranyaka Upanishad is one of the major Upanishads. This Upanishad is the last part of Shatapatha Brahmana in Krishna Yajurveda and its primary p...
बृहदारण्यकोपनिषद् 1.4.15 भाग 1: मन्त्र अनुवाद एवं व्याख्या | Brihadaranyaka Upanishad 1.4.15 Part1
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बृहदारण्यकोपनिषद् प्रमु उपनिषदों में से एक है। यह उपनिषद् कृष्ण यजुर्वेद में शतपथ ब्राह्मण का अंतिम भाग है और इसके आदि उपदेष्टा महर्षि याज्ञवल्क्य हैं। इस वीडियो में हमने बृहदारण्यकोपनिषद् के अध्याय 1 के ब्राह्मण 4 के मन्त्र 15 का अध्ययन किया है। Brihadaranyaka Upanishad is one of the major Upanishads. This Upanishad is the last part of Shatapatha Brahmana in Krishna Yajurveda and its primary p...
बृहदारण्यकोपनिषद् 1.4.14: मन्त्र अनुवाद एवं व्याख्या | Brihadaranyaka Upanishad 1.4.14
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बृहदारण्यकोपनिषद् प्रमु उपनिषदों में से एक है। यह उपनिषद् कृष्ण यजुर्वेद में शतपथ ब्राह्मण का अंतिम भाग है और इसके आदि उपदेष्टा महर्षि याज्ञवल्क्य हैं। इस वीडियो में हमने बृहदारण्यकोपनिषद् के अध्याय 1 के ब्राह्मण 4 के मन्त्र 14 का अध्ययन किया है। Brihadaranyaka Upanishad is one of the major Upanishads. This Upanishad is the last part of Shatapatha Brahmana in Krishna Yajurveda and its primary p...
अष्टावक्र गीता 17.18 अनुवाद एवं व्याख्या | Ashtavakra Gita 17.18 Translation and Commentary
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अष्टावक्र गीता ऋषि अष्टावक्र और मिथिला नरेश जनक के बीच एक संवाद है। यह बाहरी संसार की पूर्ण असत्यता और अस्तित्व की पूर्ण एकता पर बल देने वाला ग्रन्थ है जो अद्वैतवादी दर्शन का प्रचार करता है। इस वीडियो में हम अष्टावक्र गीता के अध्याय 17 के श्लोक 18 का अध्ययन करेंगे। The Ashtavakra Gita is a dialogue between the sage Ashtavakra and the Mithila king Janaka. It is a text emphasizing the absolute un...
अष्टावक्र गीता 17.17 अनुवाद एवं व्याख्या | Ashtavakra Gita 17.17 Translation and Commentary
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अष्टावक्र गीता ऋषि अष्टावक्र और मिथिला नरेश जनक के बीच एक संवाद है। यह बाहरी संसार की पूर्ण असत्यता और अस्तित्व की पूर्ण एकता पर बल देने वाला ग्रन्थ है जो अद्वैतवादी दर्शन का प्रचार करता है। इस वीडियो में हम अष्टावक्र गीता के अध्याय 17 के श्लोक 17 का अध्ययन करेंगे। The Ashtavakra Gita is a dialogue between the sage Ashtavakra and the Mithila king Janaka. It is a text emphasizing the absolute un...
अष्टावक्र गीता 17.16 अनुवाद एवं व्याख्या | Ashtavakra Gita 17.16 Translation and Commentary
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अष्टावक्र गीता ऋषि अष्टावक्र और मिथिला नरेश जनक के बीच एक संवाद है। यह बाहरी संसार की पूर्ण असत्यता और अस्तित्व की पूर्ण एकता पर बल देने वाला ग्रन्थ है जो अद्वैतवादी दर्शन का प्रचार करता है। इस वीडियो में हम अष्टावक्र गीता के अध्याय 17 के श्लोक 16 का अध्ययन करेंगे। The Ashtavakra Gita is a dialogue between the sage Ashtavakra and the Mithila king Janaka. It is a text emphasizing the absolute un...
बृहदारण्यकोपनिषद् 1.4.13: मन्त्र अनुवाद एवं व्याख्या | Brihadaranyaka Upanishad 1.4.13
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बृहदारण्यकोपनिषद् प्रमु उपनिषदों में से एक है। यह उपनिषद् कृष्ण यजुर्वेद में शतपथ ब्राह्मण का अंतिम भाग है और इसके आदि उपदेष्टा महर्षि याज्ञवल्क्य हैं। इस वीडियो में हमने बृहदारण्यकोपनिषद् के अध्याय 1 के ब्राह्मण 4 के मन्त्र 13 का अध्ययन किया है। Brihadaranyaka Upanishad is one of the major Upanishads. This Upanishad is the last part of Shatapatha Brahmana in Krishna Yajurveda and its primary p...
बृहदारण्यकोपनिषद् 1.4.12: मन्त्र अनुवाद एवं व्याख्या | Brihadaranyaka Upanishad 1.4.12
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बृहदारण्यकोपनिषद् प्रमु उपनिषदों में से एक है। यह उपनिषद् कृष्ण यजुर्वेद में शतपथ ब्राह्मण का अंतिम भाग है और इसके आदि उपदेष्टा महर्षि याज्ञवल्क्य हैं। इस वीडियो में हमने बृहदारण्यकोपनिषद् के अध्याय 1 के ब्राह्मण 4 के मन्त्र 12 का अध्ययन किया है। Brihadaranyaka Upanishad is one of the major Upanishads. This Upanishad is the last part of Shatapatha Brahmana in Krishna Yajurveda and its primary p...
बृहदारण्यकोपनिषद् 1.4.11: मन्त्र अनुवाद एवं व्याख्या | Brihadaranyaka Upanishad 1.4.11
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बृहदारण्यकोपनिषद् प्रमु उपनिषदों में से एक है। यह उपनिषद् कृष्ण यजुर्वेद में शतपथ ब्राह्मण का अंतिम भाग है और इसके आदि उपदेष्टा महर्षि याज्ञवल्क्य हैं। इस वीडियो में हमने बृहदारण्यकोपनिषद् के अध्याय 1 के ब्राह्मण 4 के मन्त्र 11 का अध्ययन किया है। Brihadaranyaka Upanishad is one of the major Upanishads. This Upanishad is the last part of Shatapatha Brahmana in Krishna Yajurveda and its primary p...
अष्टावक्र गीता 17.15 अनुवाद एवं व्याख्या | Ashtavakra Gita 17.15 Translation and Commentary
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अष्टावक्र गीता ऋषि अष्टावक्र और मिथिला नरेश जनक के बीच एक संवाद है। यह बाहरी संसार की पूर्ण असत्यता और अस्तित्व की पूर्ण एकता पर बल देने वाला ग्रन्थ है जो अद्वैतवादी दर्शन का प्रचार करता है। इस वीडियो में हम अष्टावक्र गीता के अध्याय 17 के श्लोक 15 का अध्ययन करेंगे। The Ashtavakra Gita is a dialogue between the sage Ashtavakra and the Mithila king Janaka. It is a text emphasizing the absolute un...
अष्टावक्र गीता 17.14 अनुवाद एवं व्याख्या | Ashtavakra Gita 17.14 Translation and Commentary
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अष्टावक्र गीता ऋषि अष्टावक्र और मिथिला नरेश जनक के बीच एक संवाद है। यह बाहरी संसार की पूर्ण असत्यता और अस्तित्व की पूर्ण एकता पर बल देने वाला ग्रन्थ है जो अद्वैतवादी दर्शन का प्रचार करता है। इस वीडियो में हम अष्टावक्र गीता के अध्याय 17 के श्लोक 14 का अध्ययन करेंगे। The Ashtavakra Gita is a dialogue between the sage Ashtavakra and the Mithila king Janaka. It is a text emphasizing the absolute un...
अष्टावक्र गीता 17.13 अनुवाद एवं व्याख्या | Ashtavakra Gita 17.13 Translation and Commentary
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अष्टावक्र गीता ऋषि अष्टावक्र और मिथिला नरेश जनक के बीच एक संवाद है। यह बाहरी संसार की पूर्ण असत्यता और अस्तित्व की पूर्ण एकता पर बल देने वाला ग्रन्थ है जो अद्वैतवादी दर्शन का प्रचार करता है। इस वीडियो में हम अष्टावक्र गीता के अध्याय 17 के श्लोक 13 का अध्ययन करेंगे। The Ashtavakra Gita is a dialogue between the sage Ashtavakra and the Mithila king Janaka. It is a text emphasizing the absolute un...
बृहदारण्यकोपनिषद् 1.4.10 भाग 2: मन्त्र अनुवाद एवं व्याख्या | Brihadaranyaka Upanishad 1.4.10
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बृहदारण्यकोपनिषद् 1.4.10 भाग 1: मन्त्र अनुवाद एवं व्याख्या | Brihadaranyaka Upanishad 1.4.10
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बृहदारण्यकोपनिषद् 1.4.10 भाग 1: मन्त्र अनुवाद एवं व्याख्या | Brihadaranyaka Upanishad 1.4.10
बृहदारण्यकोपनिषद् 1.4.9: मन्त्र अनुवाद एवं व्याख्या | Brihadaranyaka Upanishad 1.4.9
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अष्टावक्र गीता 17.12 अनुवाद एवं व्याख्या | Ashtavakra Gita 17.12 Translation and Commentary
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नारद भक्ति सूत्र: सूत्र 84 अनुवाद एवं व्याख्या | Narada Bhakti Sutra: Sutra 84 with Commentary
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अष्टावक्र गीता 17.11 अनुवाद एवं व्याख्या | Ashtavakra Gita 17.11 Translation and Commentary
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बृहदारण्यकोपनिषद् 1.4.8: मन्त्र अनुवाद एवं व्याख्या | Brihadaranyaka Upanishad 1.4.8
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बृहदारण्यकोपनिषद् 1.4.7 भाग 2: मन्त्र अनुवाद एवं व्याख्या | Brihadaranyaka Upanishad 1.4.7 Part 2
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बृहदारण्यकोपनिषद् 1.4.7 भाग 1: मन्त्र अनुवाद एवं व्याख्या | Brihadaranyaka Upanishad 1.4.7 Part 1
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अष्टावक्र गीता 17.10 अनुवाद एवं व्याख्या | Ashtavakra Gita 17.10 Translation and Commentary
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नारद भक्ति सूत्र: सूत्र 83 अनुवाद एवं व्याख्या | Narada Bhakti Sutra: Sutra 83 with Commentary
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अष्टावक्र गीता 17.9 अनुवाद एवं व्याख्या | Ashtavakra Gita 17.9 Translation and Commentary
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बृहदारण्यकोपनिषद् 1.4.6 भाग 3: मन्त्र अनुवाद एवं व्याख्या | Brihadaranyaka Upanishad 1.4.6 Part 3
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बृहदारण्यकोपनिषद् 1.4.6 भाग 2: मन्त्र अनुवाद एवं व्याख्या | Brihadaranyaka Upanishad 1.4.6 Part 2
बृहदारण्यकोपनिषद् 1.4.6 भाग 1: मन्त्र अनुवाद एवं व्याख्या | Brihadaranyaka Upanishad 1.4.6 Part 1
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अष्टावक्र गीता 17.8 अनुवाद एवं व्याख्या | Ashtavakra Gita 17.8 Translation and Commentary
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अष्टावक्र गीता 17.8 अनुवाद एवं व्याख्या | Ashtavakra Gita 17.8 Translation and Commentary
शुभ प्रभात प्रणाम राम राम राम राम राम राम हरे कृष्ण हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण कृष्ण कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे राम राम हरे राम राम हरे राम राम राम राम राम हरे कृष्ण
Jai Shree Krishna 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏 Jai Shree Ram 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
आपका बहुत बहुत धन्यवाद भैया 🙏🏻
शुभ प्रभात प्रणाम राम राम राम राम श्री वासुदेव सच्चिदानंद घन श्री नारायण श्री हरि ॐ हरि ॐ नमः
Thank you very much 🙏🙏🙏 Shubham Bhavatu
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प्रणाम राम राम
Jai Shree Krishna 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏 Jai Shree Ram 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
Thank you very much 🙏🙏🙏 Shubham Bhavatu
शुभ प्रभात प्रणाम राम राम राम राम श्री वासुदेव सच्चिदानंद घन श्री नारायण श्री हरि ॐ हरि ॐ नमः
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Jai Shree Krishna 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏 Jai Shree Ram 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
JAI SHREE KRISHNA...
🎉🌹🕉️🌹🎉. Jai shree sita ram 🎉🌹🕉️🌹🎉
Aaj baap ka baat kaun betaa suntaa hai.. Same bhagavan ka burai q sunega...
Thank you very much 🙏🙏🙏 Shubham Bhavatu
शुभ प्रभात प्रणाम राम राम राम राम राम हरे राम हरे कृष्ण हरे कृष्ण हरे कृष्ण हरे कृष्ण हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण कृष्ण कृष्ण कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे राम
शुभ प्रभात प्रणाम राम राम राम राम श्री वासुदेव सच्चिदानंद घन श्री नारायण श्री हरि ॐ हरि ॐ नमः
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Jai Shree Krishna 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏 Jai Shree Ram 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
Thank you very much 🙏🙏🙏 Shubham Bhavatu
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Thank you very much 🙏🙏🙏 Shubham Bhavatu
प्रणाम राम राम
🌺⛅👣⛅🌺. Jai shree Krishna. 🌺⛅👣⛅🌺
Perfect
✴️🌟🕉️🌟✴️. Jai shree sita ram. ✴️🌟🕉️🌟✴️
Apse best koi explain kr hi nhi skta😍
Jai Shree Krishna 🙏🙏🙏🙏🙏🙏 Jai Shree Ram 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
Great Knowledge.. wonderful explanation ❤❤❤❤❤❤
Stay blessed
शुभ प्रभात प्रणाम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण हरे राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम
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Jai Shree Krishna 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏 Jai Shree Ram 🙏🙏🙏🙏🙏🙏
...
Thank you very much 🙏🙏🙏 Shubham Bhavatu
Shlokas 4:13, 9:32, 9:33, 18:41 to 18:43 in Bhagavad Gita are clearly outliers and would never have been Lord Krishna’s words. Most of you have studied BG will agree that these shlokas have no context or bearing to the profound teachings of Lord Krishna and as such they must’ve been interjected maliciously later on by some fringe elements. It would be illegal to label someone’s ill-motives as lord Krishna’s spoken words and continue to deceive the entire humanity for centuries long. Removing these shlokas will only do good to the humanity. They are derogatory, demeaning women and are intended to keep the Varna system alive. Let’s Sanatanis come together to take help of our constitution and to make an appeal to the Government of India to have these derogatory Shlokas removed from our scriptures once and for all.
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शुभ प्रभात प्रणाम राम राम राम राम श्री वासुदेव सच्चिदानंद घन श्री नारायण श्री हरि ॐ
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Balmiki Ramayan suru kari
Bahut sundar 🙏